उत्तर प्रदेश/इंद्र यादव/अयोध्या: भइया, कलयुग का जलवा देखो! राम जी के मंदिर में दान के नाम पर अब 'कौवे' उड़ाए जा रहे हैं। मामला बड़ा दिलचस्प है—चंपत रॉय जी महाराज पर इल्ज़ाम है कि उन्होंने 'चांदी का कौवा' ही गायब कर दिया। अब ये कौवा उड़ा या इसे किसी ने 'हज़म' कर लिया, ये तो ऊपर वाला ही जाने, लेकिन भक्तजन और सोशल मीडिया वाले इसे 'कौवा चोरी' का महा-स्कैम बता रहे हैं।
क्या है ये 'काक भुशुंडि' का चक्कर
खबर ये है कि अनिता भारद्वाज नाम की एक भक्तनी ने बड़े चाव से राम मंदिर के लिए एक चांदी का कौवा दान किया था। रामायण में 'काक भुशुंडि' का ज़िक्र है न! बस, मैडम को लगा होगा कि चलो, इसी बहाने मंदिर में अपना नाम लिखवा लें। चंपत बाबू ने कौवा तो ले लिया, लेकिन रसीद का जो वादा किया था, वो शायद किसी दूसरे लोक में भेज दिया। अब मैडम चक्कर काट रही हैं और कौवा महोदय गायब हैं।
चंपत बाबू की 'चुप' और जनता का 'टेंशन'
भइया, चंपत जी तो ऐसे चुप हैं जैसे उन्हें कुछ पता ही न हो। रसीद मांगो तो 'ना' और कौवे का पूछो तो 'साहब मौन'। जनता कह रही है कि अगर यही काम कोई और करता, तो अब तक बुलडोज़र उनके दरवाज़े पर चाय पी रहा होता और UAPA-NSA की धाराएं ऐसे बरसतीं जैसे सावन की फुहार। पर यहाँ तो 'संघी ब्रांड' सुरक्षा कवच लगा हुआ है, किसी की हिम्मत है जो चंपत जी से सवाल पूछे
आदित्यनाथ और मोदी जी की 'बोलती बंद'
इधर हमारे 'बुलडोज़र बाबा' जी भी एकदम दुबके बैठे हैं। वैसे तो हर ग़रीब की झोपड़ी गिराने के लिए उनकी जेसीबी एकदम तैयार रहती है, लेकिन जब बारी अपने अपनों की आती है, तो बाबा जी की ज़ुबान को मानो 'लक़्वा' मार गया हो। मोदी जी और संघी भागवत जी भी ऐसे चुप हैं जैसे हमाम में सब नंगे हों। सबको पता है कि अगर एक धागा खींचा, तो पूरा स्वेटर खुल जाएगा!
दान पेटी से सावधान!
तो भाई लोग, पब्लिक को एक ही सलाह है—अपनी जेब ढीली करने से पहले सौ बार सोचना। ये धर्म के ठेकेदार दान के नाम पर जो 'माल-ए-ग़नीमत' इकट्ठा कर रहे हैं, वो राम जी के पास नहीं, इन 'चांदी के कौवा चोरों' के पास जा रहा है। अगर आप भी अपना पैसा दान में दे रहे हो, तो समझ लेना कि आप किसी के घर का राशन पानी नहीं, बल्कि किसी 'चोर' के लिए अगली लग्जरी गाड़ी का पेट्रोल भर रहे हो।
मंदिर में दान देने से पहले रसीद की फोटो खींचना मत भूलना, वरना अगला नंबर आपका और आपके दान का है!