मुंबई/इंद्र यादव/ठाणे पुलिस कमिश्नरेट ने ड्रग माफियाओं के साम्राज्य पर एक बार फिर जोरदार सर्जिकल स्ट्राइक की है। शहर को नशे के गर्त में धकेलने की साजिश रचने वाले अपराधियों के मंसूबों पर पानी फेरते हुए, ठाणे पुलिस ने करीब 600 किलोग्राम नशीले पदार्थों को राख में बदल दिया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इन ड्रग्स की कीमत 39.03 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
112 मुकदमों का 'अंतिम संस्कार'
यह कोई सामान्य कार्रवाई नहीं थी। पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज 112 अलग-अलग आपराधिक मामलों में यह खेप पिछले कुछ समय से जब्त की गई थी। पुलिस आयुक्त आशुतोष डुंबरे ने सख्त निर्देश जारी किए थे कि जब्त नशीले पदार्थों को गोदामों में सड़ने के बजाय उन्हें तुरंत नष्ट किया जाए ताकि इनका दोबारा बाजार में आने का कोई रास्ता न बचे।
खाकी का कड़ा पहरा और सख्त प्रक्रिया
इस भारी-भरकम खेप को नष्ट करने की पूरी प्रक्रिया को एक विशेष उच्च स्तरीय समिति की निगरानी में अंजाम दिया गया। इसमें किसी भी तरह की कोताही की गुंजाइश नहीं छोड़ी गई:
नेतृत्व: सह-पुलिस आयुक्त (अपराध) डॉ. पंजाबराव उगले की अध्यक्षता में बनी टीम ने पूरी कार्रवाई का नेतृत्व किया।
निगरानी: डीसीपी (अपराध) अमरसिंह जाधव और डीसीपी (मुख्यालय) मीना मकवाना की मौजूदगी में इसे नष्ट किया गया।
कार्रवाई: एंटी-नारकोटिक्स सेल के वरिष्ठ निरीक्षक जनार्दन सोनवणे और उनकी टीम ने पूरी कानूनी प्रक्रिया को पूरा करते हुए इसे नवी मुंबई के तलोजा एमआईडीसी स्थित 'मुंबई वेस्ट मैनेजमेंट कंपनी' के भट्टी में स्वाहा कर दिया।
ड्रग तस्करों के लिए खुली चेतावनी
यह कार्रवाई महज एक कानूनी प्रक्रिया नहीं, बल्कि माफियाओं के लिए एक चेतावनी है। ठाणे पुलिस ने यह संदेश साफ कर दिया है कि शहर की सड़कों को ड्रग्स मुक्त रखने के लिए वे किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं। इन 600 किलो नशीले पदार्थों का नष्ट होना उन अपराधियों के लिए बड़ा झटका है, जो इसे बेचकर युवाओं की जिंदगी बर्बाद करने की फिराक में थे।
पुलिस की यह 'जीरो टॉलरेंस' नीति अब ड्रग तस्करों में खौफ पैदा कर रही है, क्योंकि पुलिस की नजर अब सिर्फ तस्करी रोकने पर ही नहीं, बल्कि जब्त माल को जड़ से खत्म करने पर भी है।